अक्षय तृतीया पर बाल विवाह पर सख्ती: रायपुर प्रशासन अलर्ट, आयोजकों और सेवा प्रदाताओं को चेतावनी

रायपुर। जिले के उरला थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका के विवाह की तैयारी की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए संयुक्त टीम का गठन कर मौके पर पहुंचकर बाल विवाह को रोका। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह एक अपराध है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अक्षय तृतीया, जो इस वर्ष 10 मई को है, को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इस मौके पर बड़े पैमाने पर विवाह आयोजन होते हैं, जिनमें बाल विवाह की संभावनाएं अधिक रहती हैं। इसे देखते हुए जिले भर में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
प्रशासन ने मैरिज हॉल संचालक, टेंट व्यवसायी, बैंड-बाजा पार्टी, कैटरर्स, पंडितों और मौलवियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी वैवाहिक आयोजन से पहले वर-वधु की उम्र सुनिश्चित करें। यदि किसी आयोजन में नाबालिग लड़का या लड़की की शादी पाई जाती है, तो न केवल परिवारजन बल्कि आयोजन में शामिल सेवाएं देने वाले सभी व्यक्तियों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य है कि अक्षय तृतीया पर किसी भी हालत में बाल विवाह न होने पाए और समाज में इस कुरीति के खिलाफ एक मजबूत संदेश जाए।





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