पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर पत्रकारों ने खोला मोर्चा, सुरक्षा के मुद्दे पर उठाए गंभीर सवाल

राजधानी रायपुर के उरला क्षेत्र में पुलिस संरक्षण में कबाड़ियों द्वारा अवैध लोहे का कारोबार खुलेआम चल रहा है। एक महिला पत्रकार और अन्य पत्रकारों ने इस पर खबर बनाने के दौरान कबाड़ियों द्वारा मारपीट की शिकायत की, लेकिन उरला थाना प्रभारी ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और सेटलमेंट की सलाह दी। इस घटना से नाराज पत्रकारों ने थाने का घेराव करने की योजना बनाई है, उनकी तीन मुख्य मांगें हैं: अवैध कारोबार पर कार्रवाई, दोषी कबाड़ियों की गिरफ्तारी, और पीड़ित पत्रकारों को न्याय।

रायपुर में कबाड़ियों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि अब वे पत्रकारों के साथ मारपीट करने लगे हैं हाल ही में सूरजपुर में कबाड़ियों ने एक पुलिस कर्मी की पत्नी और बच्ची की हत्या कर दी इसके बावजूद पुलिस का कबाड़ियों के प्रति नरम रुक बना हुआ है राजधानी में अवैध लोहे का कारोबार भी कबाड़ियों द्वारा खुले आम किया जा रहा है, जिसमें पुलिस की मिली भगत साफ नजर आ रही है जिससे पत्रकारों में आक्रोश है


रिपोर्ट दर्ज कराने पर थाना प्रभारी सेटलमेंट की बात कर रहे हैं, जिससे पत्रकारों में रोष है। इसी को लेकर पत्रकारों ने मोर्चा खोला है और आज उरला थाना का घेराव किया जा रहा है।


पत्रकारों की तीन सूत्रीय मांगे कुछ इस प्रकार है :-

01 – महिला पत्रकार पर हमला जैसे गंभीर मामले में थाना प्रभारी द्वारा fir नहीं लिखे जाने,उल्टे सेटलमेंट की बात करने को लेकर कार्यवाही ना होने की वजह से सारे साक्ष्य को नष्ट किया जा सकता है, इसलिए थाना प्रभारी को निलंबित कर थाना प्रभारी के ख़िलाफ़ FIR दर्ज कर जेल भेजा जाए

02 – अवैध कबाड़ व्यवसायी के समस्त ठिकानों पर छापे-मार कार्रवाई करते हुए सील कर सभी दोषियों को गिरफ्तार व कठोर कार्यवाही कर जेल भेजा जाए। साथ यार्ड से सम्बंधित समस्त दस्तावेजों की सूक्ष्म जांच हो

03 – सच्ची घटना पर आधारित अविलंब वीडियो मे दिख रहे सभी अपराधियों जिनके द्वारा मारपीट की मोबाइल छिना समस्त अपराध पर FIR दर्ज करें

 

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